Raksha Bandhan2022 : इस बार रक्षा बंधन पर बन रहे हैं 4 शुभ योग, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2022 : इस बार रक्षा बंधन पर बन रहे हैं 4 शुभ योग, जानें राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2022 : रक्षाबंधन का समय सावन की पूर्णिमा को मनाया जाता है जिसमें सभी बहन अपने भाई की कलाई में राखी बांधी है रोड़ी की चंदन लगाती है और कपूर की थाल में भाई को आरती दिखाती है इस बार रक्षाबंधन का समय 11 अगस्त 2022 को रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया जाएगा और यह पर्व भाई-बहन के प्रेम को दर्शाता है हर साल सावन की पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, रक्षाबंधन के त्यौहार में मुहूर्त क विशेष महत्व होता है इस साल रक्षाबंधन पर एक किस नहीं बल्कि चार शुभ योग बन गए हैं जिसे इस इनकम हाथ दुगना बढ गया है, अच्छे मुहूर्त शुभ योग और भद्रा रहित काल के भाई की कलाई पर राखी बांधने से उसके हर कार्य सफल होते हैं आइए अब हम लोग इस आर्टिकल में जानते हैं कि रक्षाबंधन पर क्या संयोग बन रहा है।

सावन पूर्णिमा रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त 2022

1.सावन पूर्णिमा रक्षाबंधन की शुभ मुहूर्त 11 अगस्त 2022 10:38am, प्रारंभ है ।

2.सामान पूर्णिमा अंतिम तिथि 12 अगस्त 2022 7:05 am तक हैं।

3. रक्षाबंधन नियम के अनुसार यह पर्व सावन के अंतिम दिन 11 अगस्त 2022 को मनाया जाएगा।

4. राखी बांधने का शुभ मुहूर्त सावन पूर्णिमा के अंतिम दिन 11 अगस्त 2022 को 9:30am से 9:15 pm तक राखी बांधने का शुभ मुहूर्त है।

शुभ योग रक्षाबंधन 2022

1.आयुष्मान योग 10 अगस्त 2022, 7:30pm बजे से 11 अगस्त 2022 3:30pm बजे तक

2.रबी योग 11 अगस्त 2022 5:30qm बजे से 6:50 तक
3.सौभाग्य योग 11 अगस्त 2022, 3.32 pm से 12 अगस्त 2022 11.33 a

4.शोभन योग -रक्षाबंधन पर घनिष्ठा नक्षत्र के साथ शोभन योग भी बनेगा.

रक्षाबंधन पर्व का महत्व

सभी भाई बहन को साल भर से रक्षाबंधन पर्व का काफी बेसब्री से इंतजार रहता है भाई-बहन के अटूट से प्यार की निशानी है रक्षाबंधन इस दिन बहन अपने भाई को कलाई में राखी बांधती है और रोड़ी की चंदन लगाती है आरती दिखाती है इसके बाद बहन अपने भाई को मिठाई खिलाती है , और उसकी लंबी उम्र है और सुरक्षा की कामना करती है भाई सदा अपनी बहन की रक्षा करने का वादा करता है इतिहास में भी रक्षाबंधन की कई कहानियां का वर्णन है मेवाड़ की महारानी कर्मावती ने मुगल राजा हुमायूं को राखी भेजकर रक्षा याचना की थीं। मुस्लिम होते हुए भी हुमायूं ने उस राखी की लाज इज्जत रखी और कर्मावती को बहन का दर्जा देकर उसकी रक्षा और सम्मान की।

रक्षाबंधन पर्व 2022

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